राजनीतिक नकारात्मकता बनी बड़ी बाधा
अनमोल मेश्राम * भंडारा दस्तक न्यूज
भंडारा. पानी, जंगल और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद भंडारा जिला औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है. जिले में कृषि विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सिंचाई परियोजनाएं तैयार की गई, लेकिन अधूरी नहरों के कारण उनका पूरा लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाया. क्षेत्र के अनेक कारखाने वर्षों से बंद पड़े है, जिससे औद्योगिक प्रगति पर सीधा प्रभाव पड़ा है.
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जिले के पिछड़ने के लिए राजनीतिक नकारात्मकता काफी हद तक जिम्मेदार है.
जनप्रतिनिधियों द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम न उठाए जाने की चर्चा सार्वजनिक मंचों पर लगातार होती रही है.
खनिज और जलसंपदा होने के बावजूद उद्योगों का अभाव
भंडारा में जलसंपदा, वन क्षेत्र और खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. इसके बावजूद उद्योगों को शुरू कराने में जनप्रतिनिधि सफल नहीं हो पाए.
कभी पानी की कमी तो कभी अधिक वर्षा के कारण कृषि क्षेत्र भी लगातार नुकसान झेल रहा है. इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है.
हजारों युवा रोजगार नहीं मिलने के कारण मजबूरन बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे है. शिक्षित बेरोजगारों की बढ़ती संख्या जिले की चिंताजनक स्थिति को उजागर करती है.
किसानों की बदहाल स्थिति पर सिर्फ राजनीति, समाधान पर नहीं ध्यान
किसानों की दुर्दशा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तो खूब होती है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस नीति नहीं अपनाई जाती.
आर्थिक तंगी से जूझते किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे है, वहीं युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे है. नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस दिशा में गंभीर कदम उठाना चाहिए.
बंद पड़े कारखाने शुरू करना समय की मांग
जिले में दिन-ब-दिन दुकानें तो खुल रही है, लेकिन ग्राहकों का अभाव कारोबारी वर्ग के लिए चिंता का विषय है. भंडारा जिले का खोया हुआ औद्योगिक अस्तित्व वापस लाने के लिए बंद पड़े कारखानों को पुनः शुरू करना या नए उद्योग स्थापित करना आवश्यक है.
बेरोजगारों के पलायन पर लगाम के लिए पहल जरूरी
जिले में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. रोजगार न मिलने के कारण उन्हें अपने गांव से पलायन करना पड़ रहा है.
आर्थिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ऐसे कदम उठाने की आवश्यकता है, जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सके.
विधानसभा के शीत सत्र में इस गंभीर मुद्दे को उठाए जाने की जनता की अपेक्षा है, ताकि भंडारा जिला विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके.
अनमोल गोविंदाजी मेश्राम
मुख्य संपादक
“भंडारा दस्तक न्यूज”
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ईमेल आयडी bhandaradastak@gmail.com






