7 कर्मचारियों का निलंबन
अनमोल मेश्राम * भंडारा दस्तक न्यूज
भंडारा. नगर परिषद भंडारा चुनाव के दौरान प्रभाग क्रमांक 3 ‘अ’ में गंभीर लापरवाही सामने आई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की उम्मीदवार करुणा राऊत का नाम नगराध्यक्ष पद की ईवीएम मशीन में दर्ज न होने का मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. इस प्रकरण में जिम्मेदार पाए गए सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.
सोमवार 22 दिसंबर को पूर्व विधायक चरण वाघमारे की पत्रकार परिषद
इस पूरे मामले को लेकर सोमवार, 22 दिसंबर को पूर्व विधायक चरण वाघमारे ने पत्रकार परिषद लेकर प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा आघात है.
मतगणना के समय उजागर हुई गंभीर चूक
पूर्व विधायक वाघमारे ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन मतगणना के समय यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ईवीएम मशीन में उम्मीदवार करुणा राऊत का नाम ही उपलब्ध नहीं था. इसके बावजूद बिना पूरी जांच और पुष्टि के परिणाम घोषित कर दिए गए, जो पूरी तरह से गलत प्रक्रिया है.
प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
हालांकि प्रशासन ने प्राथमिक जांच के बाद सात कर्मचारियों को निलंबित किया है, लेकिन चरण वाघमारे ने कहा कि केवल निलंबन से मामला खत्म नहीं होता.
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और असली दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.
कलेक्शन सेंटर खोलने की मांग दोहराई
पत्रकार परिषद में यह मांग भी दोहराई गई कि जिस कलेक्शन सेंटर में नगराध्यक्ष और नगरसेवक पद की ईवीएम मशीनें रखी गई है, उसे तत्काल खोला जाए. वहां यह स्पष्ट किया जाए कि किस उम्मीदवार को कितने मत मिले, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके.
पुनः चुनाव कराए जाने की मांग
पूर्व विधायक वाघमारे ने कहा कि यदि जांच में पारदर्शिता नहीं बरती गई और संदेह दूर नहीं हुआ, तो संबंधित प्रभाग में पुनः चुनाव कराए जाने की मांग की जाएगी.
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि एक प्रभाग में ऐसी गड़बड़ी संभव है, तो अन्य प्रभागों में भी ऐसी ही त्रुटियां हो सकती है.
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग
इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए चरण वाघमारे ने राज्य निर्वाचन आयोग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.
उन्होंने कहा कि ईवीएम में उम्मीदवार का नाम गायब होना अभूतपूर्व घटना है और इसकी निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है.
सात दिनों में निष्पक्ष जांच की मांग
मांग की गई कि पूरे मामले की सात दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी की जाए. केवल कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास न किया जाए, बल्कि वास्तविक तथ्य जनता के सामने लाए जाएं.
सात अधिकारियों के निलंबन की पुष्टि
प्रारंभिक जांच के बाद सात अधिकारियों को निलंबित किया गया है. हालांकि प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि केवल यही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए.
ईवीएम में उम्मीदवार का नाम गायब होना गंभीर मुद्दा
आरोप है कि ईवीएम की सील खोलने और काउंटिंग बटन दबाने से पहले यह जांच नहीं की गई कि मशीन में उम्मीदवारों के नाम सही ढंग से दर्ज है या नहीं. बिना किसी पुष्टि के परिणाम घोषित किए गए, जिसका कड़ा विरोध किया जा रहा है.
देश में पहली बार हुई ऐसी घटना
भारत के चुनावी इतिहास में यह पहली घटना होगी, जहां मतगणना के समय किसी उम्मीदवार का नाम ईवीएम से गायब पाया गया हो.
यह घटना भंडारा शहर के प्रभाग क्रमांक 3 ‘अ’ में सामने आई है, जिस पर केंद्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए.
पूरे शहर की ईवीएम जांच की मांग
यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि किसी एक उम्मीदवार को जिताने या हराने के लिए जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है, तो भंडारा शहर की सभी ईवीएम मशीनों की व्यापक जांच कराई जाए. यही मांग शासन और निर्वाचन आयोग के समक्ष रखी गई है.
पत्रकार परिषद में पूर्व विधायक चरण वाघमारे, मधुकर चौधरी, भिवगडे, अजय मेश्राम, उम्मीदवार करूणा राऊत, ज्योति मलोडे, निलीमा रामटेके उपस्थित थी.
अनमोल गोविंदाजी मेश्राम
मुख्य संपादक
“भंडारा दस्तक न्यूज”
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ईमेल आयडी anmolm419@gmail.com






