पुलिस–नगर परिषद की संयुक्त कार्रवाई तेज
हजारों का प्रतिबंधित मांजा जब्त
अनमोल मेश्राम * भंडारा दस्तक न्यूज
भंडारा. बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ द्वारा नायलॉन मांजे पर देशव्यापी प्रतिबंध के निर्देश दिए जाने के बाद भंडारा जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.

पुलिस विभाग और नगर परिषद की संयुक्त मुहिम के तहत जिलेभर में कार्रवाई तेज कर दी गई है.
इसी क्रम में की गई कार्रवाई के दौरान नायलॉन मांजा तथा उससे संबंधित सामग्री और वाहन सहित कुल 69,000 रुपये का माल जब्त किया गया है.
वहीं स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) की टीम ने अलग से छापा मारते हुए 7,700 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित नायलॉन मांजा बरामद किया है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.
लोगों से अपील की जा रही है कि वे पतंग उड़ाने के लिए नायलॉन मांजे का उपयोग न करें, क्योंकि इससे मानव जीवन, पशु-पक्षियों और यातायात सुरक्षा को गंभीर खतरा होता है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए यह भी संकेत दिए हैं कि यदि किसी पुलिस अधिकारी के कार्यक्षेत्र में नायलॉन मांजे के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उस अधिकारी को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. इसके चलते जिले का प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रहा है.
पतंग उड़ाने के चक्कर में जान जोखिम में
संक्रांति के अवसर पर पतंग उड़ाने का उत्साह अपने चरम पर है. भंडारा शहर एवं परिसर में बच्चों और युवाओं में पतंग उड़ाने का जबरदस्त फिवर देखने को मिल रहा है.
खासकर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक शहर की छतों, मैदानों और सड़कों के आसपास पतंगबाजी का नजारा आम हो गया है. एक-दूसरे की पतंग काटने की होड़ में लोग अपनी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे है.
पतंग की ओर पूरा ध्यान होने के कारण बच्चे कटे हुए मांजे और पतंग को पकड़ने के लिए बेधड़क दौड़ते नजर आते है. कई बार वे व्यस्त राज्य मार्ग पर भी भागते है, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
भीड़ और लापरवाही के चलते कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है, लेकिन इस ओर न तो बच्चों का और न ही अभिभावकों का पर्याप्त ध्यान दिखाई देता है.
पाबंदी के बावजूद नायलॉन मांजे की बिक्री जारी

सूत्रों के अनुसार नायलॉन मांजे से होने वाले खतरों को देखते हुए इस पर पाबंदी लगाई गई है. हर वर्ष संक्रांति के दौरान नायलॉन मांजे की वजह से कई लोग गंभीर रूप से घायल होते है. और कुछ की जान तक चली जाती है. इतना ही नहीं, उड़ते पक्षियों की भी इस मांजे से मौत हो जाती है.
पतंगबाजी जहां कुछ लोगों के लिए आनंद का साधन है, वहीं नायलॉन मांजा कई परिवारों के लिए दुख और हादसों का कारण बनता जा रहा है.
पतंगों की दुकानों पर सजावट और बिक्री जोरों पर है और दूसरों को मात देने की होड़ में लोग खतरनाक नायलॉन मांजे को प्राथमिकता दे रहे है.
नागरिकों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करे और पाबंदी को प्रभावी रूप से लागू करे.
यह रखें विशेष ध्यान
बिजली के तारों में फंसी पतंग या मांजा निकालने की कोशिश न करें, इससे जान जा सकती है, बिजली के खंभों या डीपी पर चढ़कर पतंग न निकालें, नायलॉन मांजे का बिल्कुल उपयोग न करें, बिजली तारों वाले क्षेत्रों में पतंग न उड़ाए, बिजली तारों पर पत्थर बांधकर फेंकने जैसी खतरनाक हरकत न करें. अभिभावक अपने बच्चों पर विशेष नजर रखें और उन्हें सुरक्षित तरीके से पतंग उड़ाने के लिए समझाएं.
नागरिकों का कहना है कि उत्सव का आनंद जीवन से बढ़कर नहीं है. इसलिए सुरक्षित पतंगबाजी अपनाकर स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों की जान भी बचाएं.
अनमोल गोविंदाजी मेश्राम
मुख्य संपादक
“भंडारा दस्तक न्यूज”
मो. 9890760124
ईमेल आयडी anmolm419@gmail.com






