प्रभाग क्रमांक 3 में उम्मीदवार करुणा राऊत व नोटा का नाम न दिखने का मामला

अनमोल मेश्राम * भंडारा दस्तक न्यूज
भंडारा. भंडारा नगर परिषद चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद ईवीएम मशीन में सामने आए गंभीर प्रकार को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की प्रभाग क्रमांक 3 (अ गुट) की उम्मीदवार करुणा राऊत का नाम तथा नोटा का चिन्ह ईवीएम मशीन में प्रदर्शित न होना एक अत्यंत गंभीर, चौंकाने वाला और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाला मामला बताया जा रहा है.
देशभर में समय-समय पर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे है, लेकिन ठोस प्रमाणों के अभाव में अब तक इन मशीनों को सही ठहराया जाता रहा है.
भंडारा नगर परिषद चुनाव में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जहां मतदान होने के बावजूद मतगणना के दौरान ईवीएम मशीन में उम्मीदवार करुणा राऊत और नोटा का नाम व चिन्ह दिखाई नहीं दिया और सीधे परिणाम घोषित कर दिए गए. इस घटना ने ईवीएम प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए है.
हुतात्मा चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक ईवीएम की अंतिम यात्रा

इस गंभीर मामले के विरोध में सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को भंडारा में सर्वदलीय मोर्चा निकाला गया. यह मोर्चा हुतात्मा स्मारक, शास्त्री चौक से प्रारंभ होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक गया, जहां ईवीएम मशीन की प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली गई. इसके बाद मोर्चा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा परिसर, त्रिमूर्ति चौक में सभा में तब्दील हुआ.
मोर्चे में भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्ष, नेता, पदाधिकारी, नगराध्यक्ष व नगरसेवक पद के पराजित उम्मीदवार, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिक शामिल हुए. इस दौरान ईवीएम हटाओ, देश बचाओ के नारे लगाए गए.
लोकतंत्र से समझौता नहीं किया जाएगा– वक्ताओं का ऐलान

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की पायमाली किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी और इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी. सभी दलों ने एकजुट होकर प्रशासन और चुनाव आयोग का ध्यान इस गंभीर मामले की ओर आकर्षित किया.
प्रमुख मांगें

मोर्चे के दौरान निम्न प्रमुख मांगें रखी गई जिसमें भंडारा नगर परिषद की पूरी चुनाव प्रक्रिया ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से दोबारा कराई जाए, इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शक और गहन जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए. इन मांगों का निवेदन निवासी उपजिलाधिकारी फडके ने मौके पर उपस्थित रहकर स्वीकार किया.
मांगें पूरी न होने पर जिला बंद की चेतावनी
सर्वदलीय मोर्चे की ओर से यह भी चेतावनी दी गई कि यदि आगामी 10 से 12 दिनों में इस मामले का समाधान नहीं निकला, तो 12 जनवरी 2026 को भंडारा जिला बंद किया जाएगा.
इस पूरे घटनाक्रम ने भंडारा में चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
अनमोल गोविंदाजी मेश्राम
मुख्य संपादक
“भंडारा दस्तक न्यूज”
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ईमेल आयडी anmolm419@gmail.com






