फिर किसानों पर छाया गहरा संकट
धान सड़कर नष्ट, मदद की गुहार
अनमोल मेश्राम * भंडारा दस्तक न्यूज
भंडारा. जिले में पिछले दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़ दी है. खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी और कटी पड़ी धान की फसल बारिश में भीग कर सड़ने लगी है.
किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है, जिससे उनके चेहरों पर मायूसी और आंखों में आंसू दिखाई दे रहे है.
किसानों का कहना है कि पिछली भारी बारिश से पहले ही फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था, और अब इस वापसी की बारिश ने उम्मीदों पर गहरी चोट की है. दीपावली से पहले और बाद में कटाई की तैयारी करने वाले कई किसानों की फसलें खेत की मिट्टी में ही मिल गईं.
कई स्थानों पर धान के दानों में अंकुर फूटने लगे है, जिससे फसल पूरी तरह खराब हो गई है. साथ ही खेतों में नमी बढ़ने से कटाई का काम ठप होकर रह गया है.
बढ़ती महंगाई, कर्ज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच किसान मानसिक तनाव से जूझ रहे है. किसानों की आत्महत्याओं की घटनाओं ने चिंतित कर दिया है.
किसानों ने मांग की है कि सरकार और कृषि विभाग तत्काल नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को राहत राशि प्रदान करें. वहीं सामाजिक संगठनों से भी किसान मदद की उम्मीद कर रहे है.
शीघ्र मदद और उचित मुआवजे की मांग
लाखनी तहसील के बोरगांव राजे. निवासी किसान स्वप्निल अरुण मेश्राम, नाजूकराम सितकुरा निर्वाण एवं अन्य किसानों के खेतों में धान की कड़पी पर बेमौसम बारिश होने से पूरी फसल सड़ गई है. धान के पौधे पानी में दब गए और खराब हो गए, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
किसानों का कहना है कि मेहनत, समय और खर्च बेकार चला गया. किसानों ने प्रशासन से शीघ्र मदद और उचित मुआवजे की मांग की है.
अनमोल गोविंदाजी मेश्राम
मुख्य संपादक
“भंडारा दस्तक न्यूज”
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ईमेल आयडी bhandaradastak@gmail.com





